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प्रख्यात साहित्यकार शैलेश मटियानी को ‘उत्तराखण्ड गौरव सम्मान–2025’, सीएम धामी ने पुत्र राकेश मटियानी को सौंपा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र की समाप्ति के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए सदन में हुई सकारात्मक चर्चा को राज्य हित में बताया। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के साथी जल्दबाजी नहीं करते तो सदन और लंबा चलता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में कई विधेयकों के साथ अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई तथा उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। अनुपूरक बजट, सामान्य बजट की पूर्ति के लिए लाया गया है। राज्य में वित्तीय अनुशासन के साथ राजस्व बढ़ाने तथा खर्चों को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए राजस्व प्राप्ति के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऋण लेने की प्रक्रिया में भी कमी लाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास केंद्र पोषित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने का है। राज्यांश कम होने वाली योजनाओं का लाभ प्रदेशवासियों को मिले, इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के गेस्ट हाऊसों का बेहतर ढंग से संचालन कर इन्हें आय के संशधनों से जोड़ने में मददगार बनाया जा रहा है। राज्य की भावी पीढ़ी को बेहतर वित्तीय स्थिति का लाभ मिले इसके लिए हम प्रयासरत हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं, खिलाड़ियों एवं छात्रों के व्यापक हित में अनेक प्रभावी निर्णय लिए गए हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कर उनकी आर्थिकी मजबूत करने के साथ उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए योजनाएं बनाई गई हैं। समूहों के उत्पादों के विपणन की कारगर व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में राज्य के किसी भी क्षेत्र में बनभूलपुरा, हल्द्वानी जैसी घटना न हो, आपसी भाईचारा व अमन चैन बना रहे तथा दंगा, तोड़फोड़ के साथ सरकारी व निजी सम्पत्ति का नुकसान न हो इसके लिए लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली विधेयक को मंजूरी दी गई है। अब संपत्तियों के नुकसान की भरपाई दंगाइयों से ही की जाएगी।

उन्होंने कहा कि देवभूमि का प्रत्येक व्यक्ति बांग्लादेश में हिंदुओं के प्रति हो रही हिंसक घटनाओं के प्रति चिंतित है। उनके प्रति हो रहे इस अन्याय को रोका जाना चाहिए। हिंसक घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम हम सबकी मांग है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न आपदा की घटनाओं के प्रति हम संवेदनशील हैं। वे स्वयं राज्य के विभिन्न आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं तथा प्रभावितों का दुःख दर्द बांटने में लगे हैं। पीड़ितों की हर संभव मदद करने का प्रयास निरंतर जारी है। इसके लिए धन की कमी नही होने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भराड़ीसैंण का ग्रीष्मकालीन राजधानी के अनुरूप विकास हमारा लक्ष्य है। इसके लिए शीघ्र उच्च स्तरीय बैठक का भी आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण में वर्षभर विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के आयोजन के भी प्रयास किए जाएंगे।

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