चार दिन पहले हुई पटवारी परीक्षा का भी पेपर लीक

चार दिन पहले हुई पटवारी परीक्षा का भी पेपर लीक होने की आशंका है। एक शिकायत पर एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। मामले में लक्सर से तीन लोगों को एसटीएफ द्वारा ले जाने की खबर सामने आई है।

मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं लेकिन एसटीएफ के सूत्रों ने खबर की पुष्टि की है। मिली जानकारी के अनुसार पेपर परीक्षा से एक दिन पहले हल कराया गया था। कई अभ्यर्थियों को पेपर मुहैया कराया गया था। बता दें, कि इस बार उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने परीक्षा कराई थी।

 

उत्तराखंड में लगता है परीक्षा पेपर लीक परंपरा बनता जा रहा है
परीक्षा कभी भी हो उसका परीक्षा पेपर लीक पहले हो जाता है ऐसे में परीक्षा पेपर से जुड़े अधिकारियों पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं आखिर कैसे कितने गोपनीय पेपर लीक हो जाते हैं
आज सोशल मीडिया में खबर मिली की 3 दिन पूर्व ही लेखपाल परीक्षा का पेपर लीक हो गया है जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कड़ी फटकार के बाद एसटीएफ द्वारा आनन-फानन में कार्रवाई की गई

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अभी पिछले महीने ही पुलिस कांस्टेबल का पेपर भी हुआ है जो लोक सेवा आयोग के द्वारा ही करवाया गया है प्रश्न यह उठता है कि एसटीएफ के द्वारा लेखपाल भर्ती परीक्षा लीक मामले में लोक सेवा आयोग के ही
संजीव चतुर्वेदी, अनुभाग अधिकारी, अतिगोपन अनुभाग-3, राज्य लोक सेवा आयोग, उत्तराखण्ड, जनपद हरिद्वार को गिरफ्तार किया गया है हालांकि अब पूछताछ के बाद ही यह स्थिति साफ हो पाएगी क्या उसके द्वारा पूर्व में हुई परीक्षा का पेपर लीक करवाया गया था

 

एसटीएफ द्वारा पकड़े गए आरोपी

वही देहरादून में एसएसपी एस0टी0एफ0 ने बताया है की गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि कुछ व्यक्तियों द्वारा लोक सेवा आयोग द्वारा विगत 08 जनवरी 2023 को आयोजित लेखपाल/पटवारी परीक्षा का प्रश्न पत्र परीक्षा से पूर्व लीक कर कतिपय अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराया गया था। उक्त सूचना की पुष्टि हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अग्रवाल द्वारा विस्तृत जाॅच की गई एवं जाॅच में आरोपो की पुष्टि होने पर उनके द्वारा दिनांक 12 जनवरी 2023 जनपद हरिद्वार के थाना कनखल में मु0अ0स0 12/23 धारा 409,420,467,468,471,120बी भा0द0वि0 व 3/4 उत्तर प्रदेश/उत्तराखण्ड सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) निवारण अधिनियम 1998 पंजीकृृत कराया गया।
उक्त विवेचना में कार्यवाही करते हुये एस0टी0एफ0 द्वारा निम्न अभियुक्तों को गिरतार किया गया है।
1. संजीव चतुर्वेदी, अनुभाग अधिकारी, अतिगोपन अनुभाग-3, राज्य लोक सेवा आयोग, उत्तराखण्ड, जनपद हरिद्वार
2. राजपाल पुत्र स्व0 फूल सिंह नि0 ग्राम कुलचन्दपुर उर्फ नथौडी थाना गागलहेडी, जनपद सहारनपुर उ0प्र0 हाल निवासी ग्राम सुकरासा अम्बूवाला थाना पथरी
3. संजीव कुमार पुत्र स्व0 श्री मांगेराम निवासी ग्राम कुलचन्दपुर उर्फ नथौडी थाना गागलहेडी सहारनपुर उ0प्र0 हाल निवासी फ्लैट नं0 जी-407 जर्स कन्ट्री ज्वालापुर थाना ज्वालापुर जनपद हरिद्वार,
4. रामकुंमार पुत्र सुग्गन सिंह नि0 ग्राम सेठपुर, लक्सर, जनपद हरिद्वार
अपराध का तरीकाः-लोक सेवा आयोग, उत्तराखण्ड द्वारा विगत 08.01.2023 को आयोजित लेखपाल की परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने में आयोग के अति गोपन कार्यालय के अनुभाग-3 द्वारा कार्य किया गया था। उक्त अनुभाग में नियुक्त अनुभाग अधिकारी संजीव चर्तुवेदी ने अपने कार्यालय से स्वॅय की अभिरक्षा से प्रश्न पत्र लीक किया और अपनी पत्नी रितु के साथ मिलकर लीक प्रश्न पत्र राजपाल व संजीव को उपलब्ध कराया। इसके एवज में संजीव चर्तुवेदी व रितु को नगद धनराशि देकर, उक्त प्रश्न पत्र संजीव तथा राजपाल ने रामकुमार व अन्य के माध्यम से अभ्यर्थियों में बाॅट कर उनको उ0प्र0 बिहारीगढ के पास स्थित माया अरूण रिजार्ट एंव ग्राम सेठपुर लक्सर हरिद्वार व अन्य स्थानों में पढाया। विवेचना में वर्तमान तक लगभग 35 अभ्यार्थियों द्वारा परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्र प्राप्त होना संज्ञान में आया है विवेचना प्रचलित है अन्य अभियुक्तो एवं उनके द्वारा अवैध रूप से अर्जीत धनराशि के सम्बन्ध में कार्यवाही की जा रही है।
आउट प्रश्न पत्र की प्रतियां एवं प्रश्न पत्र लीक कर अवैध रूप से कमाये गये 22,50,000 रू0 अभियुक्त संजीव चतुर्वेदी की अभिरक्षा से भी मिले है

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