#Poem by Mahima Bansal

कहानी एक अम्मा की कविता “महिमा बंसल”

*कहानी एक अम्मा की* मायूस सा चेहरा लिए, झुर्रियों का पहरा लिए, एकांत मैं बैठी औरत, जो परिवार से निकाल…

4 years ago