सुलभ इंटरनेशनल के फाउंडर बिंदेश्वर पाठक का निधन हो गया है.
डॉ बिंदेश्वर पाठक विश्वविख्यात भारतीय समाजिक कार्यकर्ता एवं उद्यमी हैं। उन्होने सन १९७० मे सुलभ इन्टरनेशनल की स्थापना की। सुलभ इंटरनेशनल मुख्यतः मानव अधिकार, पर्यावरणीय स्वच्छता, ऊर्जा के गैर पारंपरिक स्रोतों और शिक्षा द्वारा सामाजिक परिवर्तन आदि क्षेत्रों में कार्य करने वाली एक अग्रणी संस्था है। पाठक का कार्य स्वच्छता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है। इनके द्वारा किए गए कार्यों की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है और पुरस्कृत किया गया है। 15 अगस्त 2023 को 80 वर्ष की उम्र में दिल्ली के AIIMS में श्री पाठक का निधन हो गया।
सुलभ इन्टरनेशनल के संस्थापक समाजसेवी डॉ बिन्देश्वर पाठक
जन्म
2 अप्रैल 1943 (आयु 80)
रामपुर, बिहार, भारत
मौत
15 अगस्त, 2023
AIIMS Delhi
राष्ट्रीयता
भारतीय
शिक्षा
एम.ए. (सामाजिक विज्ञान 1980), एम.ए. (अंग्रेजी 1986), पीएच.डी. (1985), डी.लिट्. (1994)
शिक्षा की जगह
पटना विश्वविद्यालय
प्रसिद्धि का कारण
सुलभ इंटरनेशनल संस्था की स्थापना
और भारत में स्वच्छता एवं स्वास्थ्य की दशा में सुधार और सामाजिक परिवर्तन
जीवन परिचय
डॉ बिन्देश्वरी पाठक ने का जन्म भारत के बिहार प्रान्त के रामपुर में हुआ। 1967में उन्होने बिहार गांधी जन्म शताब्दी समारोह समिति में एक प्रचारक के रूप में कार्य किया। वर्ष 1970 में बिहार सरकार के मंत्री श्री शत्रुहन शरण सिंह के सुझाव पर सुलभ शौचालय संस्थान की स्थापना की। बिहार से यह अभियान शुरू होकर बंगाल तक पहुंच गया। वर्ष 1980 आते आते सुलभ भारत ही नहीं विदेशों तक पहुंच गया। सन, 1980 में इस संस्था का नाम सुलभ इण्टरनेशनल सोशल सर्विस आर्गनाइजेशन हो गया। सुलभ को लिए अन्तर्राष्ट्रीय गौरव उस समय प्राप्त हुआ जब संयुक्त राष्ट्र संघ की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद द्वारा सुलभ इण्टरनेशनल को विशेष सलाहकार का दर्जा प्रदान किया गया।1970 में सुलभ इंटरनेशनल की हुई थी स्थापना
महावीर एंक्लेव स्थित सुलभ ग्राम में स्थापित इस संग्रहालय में देश विदेश के अनेक लोग पहुंच चुके हैं। सिर पर मैला ढोने की प्रथा की समाप्ति के इनके द्वारा किये गए कार्यों को पूरी दुनिया में तारीफ मिली।डॉक्टर पाठक ने वर्ष 1970 में सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन की स्थापना की थी।
देशभर में हैं करीब 8500 शौचालय
इन्होंने सुलभ इंटरनेशनल की स्थापना की, जो मानव अधिकारों, पर्यावरण स्वच्छता, ऊर्जा के गैर-पारंपरिक स्रोतों, अपशिष्ट प्रबंधन और सामाजिक सुधारों को बढ़ावा देने के लिए काम करती है।देशभर में सुलभ इंटरनेशनल के करीब 8500 शौचालय और स्नानघर हैं। सुलभ इंटरनेशनल के शौचालय के प्रयोग के लिए 5 रुपये और स्नान के लिए 10 रुपये लिए जाते हैं, जबकि कई जगहों पर इन्हें सामुदायिक प्रयोग के लिए मुफ़्त भी रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, ”डॉ. बिंदेश्वर पाठक जी का निधन हमारे देश के लिए एक गहरी क्षति है. वह एक दूरदर्शी व्यक्ति थे, जिन्होंने सामाजिक प्रगति और वंचितों को सशक्त बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया.”
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