देहरादून में दिव्यांग बच्चों के लिए राज्य स्तरीय मैपिंग कार्यक्रम शुरू
देहरादून। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने देहरादून के झाझरा स्थित आईटीआई दून संस्कृति स्कूल में विशिष्ट अधिगम अक्षमता और ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए उत्तराखंड के पहले राज्य स्तरीय मैपिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड राज्य दिव्यांग बाल अभियान के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान रामदास अठावले ने विद्यार्थियों से संवाद किया और दिव्यांग बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया। विद्यालय में पूर्वोत्तर राज्यों के करीब 150 विद्यार्थी और 67 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। संस्थान करीब 13 एकड़ भूमि में स्थापित है और यहां विद्यार्थियों को समावेशी वातावरण में शिक्षा प्रदान की जा रही है।
अठावले ने कहा कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता और प्रतिभा को कम नहीं करती। उन्होंने पैरालंपिक खेलों में भारतीय पैरा-एथलीटों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों ने देश के लिए कई पदक जीते हैं, जिनमें स्वर्ण पदक भी शामिल हैं।
उन्होंने दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने संस्थान को मजबूत करने के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय से अनुदान प्राप्त करने में सहयोग का भी भरोसा दिलाया।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि देश में 2.68 करोड़ से अधिक दिव्यांगजन हैं। सरकार दिव्यांगजनों को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक समावेशन के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को उनकी पूरी क्षमता हासिल करने में सक्षम बनाने के लिए सुगम बुनियादी ढांचे, शिक्षा और आवश्यक सहायता प्रणालियों को मजबूत करना जरूरी है।
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