एजुकेशन

आईआईटी रुड़की ने उत्तराखण्ड और जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग राज्य सरकार के बीच संयुक्त आशय घोषणा

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने उत्तराखण्ड और जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग राज्य सरकार के बीच संयुक्त आशय घोषणा (Joint Declaration of Intent–JDI) पर हस्ताक्षर के अवसर पर एक प्रमुख पहलकर्ता, सुगमकर्ता तथा शैक्षणिक भूमिका निभाई। यह घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में संरचित राज्य-स्तरीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह संयुक्त आशय घोषणा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग, नवाचार और कौशल विकास को सुदृढ़ करने की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है तथा उच्च शिक्षा और अनुसंधान में वैश्विक सहभागिता के प्रति उत्तराखण्ड सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है।

दोनों सरकारों, IIT रुड़की, यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम और अन्य संबंधित हितधारकों के प्रतिनिधियों से युक्त एक संयुक्त कार्य बल (Joint Task Force) का गठन किया जाएगा, जो प्राथमिक स्तर पर होने वाली पहल की पहचान करेगा। सहयोग के लिए एक रोडमैप विकसित करेगा तथा व्यापक सहयोग हेतु एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) का प्रस्ताव करेगा।

प्रतिनिधिमंडलों में IIT रुड़की के प्रतिनिधि शामिल थे, जिनका नेतृत्व निदेशक प्रो. के. के. पंत ने किया, साथ ही प्रो. वी. सी. श्रीवास्तव, डीन (अंतरराष्ट्रीय संबंध) तथा एसोसिएट प्रोफेसर अंकित अग्रवाल भी उपस्थित थे। उत्तराखण्ड सरकार की ओर से तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा और वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. त्रिप्ता ठाकुर शामिल थीं, जबकि जर्मन प्रतिनिधिमंडल में ब्रांडेनबुर्ग संघीय राज्य की विज्ञान, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री डॉ. मान्या शुले, यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के अध्यक्ष प्रो. ओलिवर ग्यूंथर, ब्रांडेनबुर्ग यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी कॉटबस-सेनफ्टेनबर्ग (BTU) के अंतरराष्ट्रीयकरण के उपाध्यक्ष प्रो. वोल्फ्राम बर्गर तथा ब्रांडेनबुर्ग राज्य के विज्ञान, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय से डॉ. वीरा ज़ीगेलडॉर्फ शामिल थीं।

उत्तराखण्ड के तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि उत्तराखण्ड और ब्रांडेनबुर्ग के बीच संयुक्त आशय घोषणा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

IIT रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत ने कहा कि मुझे विश्वास है कि यह संयुक्त आशय घोषणा उत्तराखण्ड और ब्रांडेनबुर्ग के बीच अनेक नई पहल का मार्ग प्रशस्त करेगी, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के सहयोग से सशक्त होंगी तथा सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण में नवाचार-आधारित, सतत विकास के माध्यम से योगदान देगी।

admin

Recent Posts

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय को दी ₹20.55 करोड़ की सौगात, पांच योजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय को दी ₹20.55 करोड़ की सौगात, पांच…

5 hours ago

ऋषिकेश में होगी अंतरराष्ट्रीय फिल्म ‘क्लोवर’ की शूटिंग, फरवरी 2027 में पहुंचेगी फिल्म यूनिट

ऋषिकेश में होगी अंतरराष्ट्रीय फिल्म ‘क्लोवर’ की शूटिंग, फरवरी 2027 में पहुंचेगी फिल्म यूनिट मुख्यमंत्री…

2 days ago

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने स्टेट स्किल डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने स्टेट स्किल डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के दिए निर्देश मुख्य…

3 days ago

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने स्टेट स्किल डेवलपमेंट प्लान शीघ्र तैयार करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने स्टेट स्किल डेवलपमेंट प्लान शीघ्र तैयार करने के दिए…

4 days ago

जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न आपदाओं के आकलन और जोखिम न्यूनीकरण में एआई की अहम भूमिका : मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन

जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न आपदाओं के आकलन और जोखिम न्यूनीकरण में एआई की अहम भूमिका…

5 days ago

उत्तराखंड के शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव: SGRR मिशन की अनूठी पहल, तीन स्कूलों को मिला ‘इंटरनेशनल स्कूल’ का दर्जा

उत्तराखंड के शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव: SGRR मिशन की अनूठी पहल, तीन स्कूलों को…

6 days ago