मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहाड़ों के लिए आफत बन रहे प्लास्टिक कचरे को जोशीमठ नगरपालिका ने आय का साधन बना लिया है।
बदरीनाथ, हेमकुंट साहिब और फूलों की घाटी यात्रा के मुख्य पड़ाव जोशीमठ से पांडुकेश्वर तक सफाई का जिम्मा नगरपालिका जोशीमठ संभाले हुए है। पालिका ने बीते एक माह में शीतलपेय की ढाई लाख से अधिक बोतलें एकत्रित की हैं। अन्य प्लास्टिक कचरे को मिलाकर तीन टन प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया है। कचरे को एकत्रित कर कॉम्पेक्टर मशीन से ब्लॉक बनाकर उसका विपणन किया जा रहा है। जोशीमठ से पांडुकेश्वर तक सफाई व्यवस्था के लिए नगरपालिका जोशीमठ द्वारा पर्यावरण मित्र तैनात किए गए हैं। वहीं, प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए 22 मजदूर तैनात किए गए हैं।
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