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पुलवामा शहादत/ कविता :पांडेय चिदानंद “चिद्रूप

. पुलवामा शहादत करना माफ तू मुझको प्रिये, मैं वादा पूरा कर न सका।प्रेम दिवस पर आ कर, तुझको अंको में भर न सका।।निकला तो था आने को पर, कुछ…

ख़ून की होली [ कविता : कमलेश कमल]

ख़ून की होली वीर जवानों आज उठोअब खेलनी ख़ून की होली है।उठो, वीर रणभेरी बजीबस, छुपी दुश्मनों की टोली है।। यह पुलवामा या उरी नहींयह चूहों का हमला है।भारत माँ…

फागूदास की डायरी:गाथा एक अद्भुत घुमक्कड़, दार्शनिक, एंग्रीमैन की!

कहानी के पात्र के अंदर घुसकर पात्र को आत्मसात कर की हो जैसे साहित्यकार नरेंद्र कठैत ने भावात्मक मार्मिक गम्भीर पक्ष की गहराई से बहुत सुन्दर समीक्षा की है। फागूदास…

प्रसिद्ध चित्रकार नीलांजन चक्रवती ने कहा कला का डिजिटलाइजेशन होने से कलाकार को पहचान बनाना हुआ आसान

प्रसिद्ध चित्रकार नीलांजन चक्रवती ने कहा कला का कैनवास डिजिटल होने से और बड़ा हो गया है देहरादून। प्रसिद्ध चित्रकार नीलांजन चक्रवती दिल्ली से जुड़े, अजयश्री टाइम्स के कार्यक्रम सफर…

एक साहित्यकार का संपादक के नाम पत्र का

पत्र साहित्य में बहुत तरह के पत्र पाठकों ने पढें होंगे । एक साहित्यकार का संपादक के नाम पत्र का जिक्र जब भी होगा। तब तब साहित्यकार नरेंद्र कठैत का…

एसजीआरआर तालाब के छात्र हर्ष अग्रवाल का चयन स्टेट फिट इंडिया क्विज में एसजीआरआर तलाब सीबीएसी बोर्ड से सम्बद्ध विद्यालयों में एक मात्र स्कूल बन गया देशभर में जिसने यह गौरव हासिल किया है

एसजीआरआर तालाब के छात्र हर्ष अग्रवाल का चयन स्टेट फिट इंडिया क्विज में एसजीआरआर तलाब सीबीएसी बोर्ड से सम्बद्ध विद्यालयों में एक मात्र स्कूल बन गया देशभर में जिसने यह…

क्या लड़ाई सत्य की कलम से होनी चाहिए या अफवाहों की कलम से????

क्या ये सही है ????प्रसिद्ध अभिनेता शाहरुख खान के सोशल मीडिया पर वायरल होती खबर भारत रत्न आदरणीय लता दीदी की अंतिम विदाई पर दुआ पढ फूंक मारने की उस…

सच भी सांचो में सामाजिक मंथन

सच भी सांचो में सामाजिक मंथन आजकल हम समाज में देखते हैं लोग साहित्यिक सांस्कृतिक गतिविधियों सामाजिक वातावरण बनाकर अपनी एक पहचान बनाते हैं फिर कुछ दिन बाद माइक पकड़…

साहित्यिक चिंतन के सरोकार ===धन्यवाद ✍🏻 प्रखर दीक्षित फर्रुखाबाद(उत्तर प्रदेश)

साहित्यिक चिंतन के सरोकार=============-=======साहित्य समाज का दर्पण कहा गया है और साहित्यकार समय का चितेरा। साहित्य सृजन और साहित्यिक मेधा के चिंतन में वही प्रतिबिंबित होता हो जो तत्कालीन कालखण्ड…

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