कुंभ-2027 से पहले हरिद्वार की सड़क कनेक्टिविटी होगी और मजबूत, एनएचएआई तेजी से पूरा कर रहा प्रमुख परियोजनाएं
आगामी कुंभ-2027 को ध्यान में रखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) हरिद्वार की सड़क अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। निर्माणाधीन **स्पर टू हरिद्वार** तथा **हरिद्वार बाईपास (पैकेज-1)** परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद न केवल शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करेंगी, बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को भी तेज, सुरक्षित और निर्बाध यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी।
एनएचएआई द्वारा विकसित की जा रही **51 किलोमीटर लंबी छह-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड स्पर टू हरिद्वार परियोजना** का लगभग **92 प्रतिशत कार्य पूरा** हो चुका है। इसके अंतर्गत अब तक **46 किलोमीटर छह-लेन मार्ग** का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। यह कॉरिडोर **दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे** को हरिद्वार से जोड़ते हुए **हलगोया मुस्तकम** से प्रारंभ होकर **भड़ेड़ी राजपूताना** स्थित मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-58 तक पहुंचेगा। परियोजना के पूरा होने पर दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरिद्वार आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना एक वैकल्पिक एवं तेज मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और शहर के भीतर यातायात का दबाव भी घटेगा।
इसी प्रकार **15 किलोमीटर लंबे हरिद्वार बाईपास (पैकेज-1)** का लगभग **77 प्रतिशत कार्य** पूरा हो चुका है तथा अब तक **9 किलोमीटर फोर-लेन सड़क** का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। यह बाईपास **बहादराबाद** से प्रारंभ होकर **एनएच-34** पर **चंडी देवी मंदिर** के निकट समाप्त होगा। इसके संचालन में आने के बाद हर की पैड़ी, चंडी चौक, शंकराचार्य चौक सहित शहर के प्रमुख भीतरी मार्गों पर यातायात का दबाव उल्लेखनीय रूप से कम होने की उम्मीद है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को जाम से राहत मिलेगी।
इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरिद्वार की यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। वर्तमान में अधिकांश वाहन शहर के भीतर से होकर गुजरते हैं, जिसके कारण सप्ताहांत, पर्व-त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान लंबा जाम लग जाता है। एनएचएआई चरणबद्ध तरीके से सड़क अवसंरचना को मजबूत कर इस समस्या का स्थायी समाधान विकसित कर रहा है।
स्पर टू हरिद्वार परियोजना बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले ही वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगी, जबकि हरिद्वार बाईपास शहर के भीतर अनावश्यक यातायात दबाव को कम करेगा। इससे स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं सभी को सुरक्षित, तेज और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।
इसके अतिरिक्त **हरिद्वार–मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग** पर **पुरकाजी, फलौदा, मंगलौर, बहादराबाद और ज्वालापुर** जैसे व्यस्त जंक्शनों पर फ्लाईओवर, व्हीक्युलर अंडरपास (वीयूपी) तथा सर्विस रोड का निर्माण भी किया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होने से दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा बढ़ेगी, चौराहों पर यातायात का दबाव कम होगा तथा आगामी कुंभ के दौरान वाहनों का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा।
एनएचएआई द्वारा पूर्व में विकसित **मुजफ्फरनगर–नेपाली फार्म चार-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग** पहले से ही संचालन में है, जो हरिद्वार, ऋषिकेश और चारधाम यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर रहा है। आगामी कुंभ के दौरान भी यह मार्ग यातायात के दबाव को कम करने और वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यातायात को और अधिक सुरक्षित एवं स्मार्ट बनाने के उद्देश्य से एनएचएआई **हरिद्वार–मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग**, **स्पर टू हरिद्वार** तथा **हरिद्वार बाईपास** पर **एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस)** भी लागू कर रहा है। इस आधुनिक प्रणाली के माध्यम से यातायात की रियल-टाइम निगरानी, सड़क उपयोगकर्ताओं को समय पर आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराना, यातायात नियमों के अनुपालन की निगरानी तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी।
इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरिद्वार की सड़क कनेक्टिविटी अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सक्षम बनेगी, जिससे कुंभ-2027 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।
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