विश्व गौरैया दिवस मनाया गया: भारत में छोटे पंछियों के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित

आज भारत के विभिन्न राज्यों में **विश्व स्पैरो दिवस 2026** मनाया गया। यह दिन छोटे गौरैया यानी हाउस स्पैरो के संरक्षण और जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है।

विशेषज्ञों के अनुसार, शहरीकरण, पेड़ों की कटाई और कीटनाशकों के बढ़ते प्रयोग के कारण भारत के शहरों में गौरैया की संख्या लगातार कम हो रही है। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, पटना और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में ये छोटे पंछी अब दुर्लभ दिखाई दे रहे हैं।

इसके जवाब में कई पहलें चल रही हैं। पटना ज़ू में बच्चों को मुफ्त घोंसले और बर्ड‑हाउस दिए जा रहे हैं, साथ ही एक **विशेष मोबाइल ऐप** लॉन्च किया गया है, जो गौरैया और अन्य पक्षियों के बारे में जानकारी देगा। अहमदाबाद में स्थानीय पक्षी प्रेमियों ने ‘Sparrow Man’ के नेतृत्व में जागरूकता अभियान चलाया, जिसमें गौरैया की आदतों और उनके संरक्षण पर जोर दिया गया। नई दिल्ली और मुंबई में एनजीओ और नगर निगम मिलकर **पौधरोपण, बर्ड‑फीडर और घोंसला संरक्षण अभियान** चला रहे हैं।

पिछले दस वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में गौरैया की संख्या में **लगभग 60% की गिरावट** आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तत्काल संरक्षण कदम नहीं उठाए गए, तो यह गिरावट और तेज़ होगी।

भारतीय नागरिक इन छोटे पंछियों की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं। अपने घर या बालकनी में **छोटा बर्ड‑हाउस** लगाना, पेड़‑पौधों और प्राकृतिक आवास की सुरक्षा करना, और बच्चों तथा समुदाय में जागरूकता फैलाना इसके मुख्य उपाय हैं।

गौरैया केवल हमारे शहरों की सुंदरता बढ़ाती हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस **विश्व स्पैरो दिवस 2026** पर भारत के हर नागरिक से अपील है कि वे इन छोटे पंछियों के संरक्षण में सक्रिय योगदान दें।

**#SaveSparrows #WorldSparrowDay2026 #BirdConservation #India**

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