राज्य सरकार आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों में पूरी तरह से जुट गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यात्रा के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों को समय पर पुख्ता इंतजाम करने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग डॉ. आर राजेश कुमार ने उत्तराखण्ड शासन में अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में चारधाम यात्रा के स्वास्थ्य संबंधित इंतजामों को लेकर विस्तृत चर्चा की और विभिन्न विभागों को अपनी तैयारियां समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

सचिव ने यात्रा मार्ग पर मेडिकल रेस्पॉन्स प्वाइंट्स (एमआरपी) की संख्या बढ़ाने, स्क्रीनिंग प्वाइंट्स की संख्या में सुधार और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य रजिस्ट्रेशन के कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य से संबंधित एडवाइजरी और आवश्यक सुरक्षा उपायों को लागू करने हेतु भी कदम उठाए गए हैं। सभी संबंधित विभागों को यात्रा की शुरुआत से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा यात्रा मार्ग में कुल 26 मेडिकल रेस्पॉन्स प्वाइंट्स (एमआरपी) और 50 स्क्रीनिंग प्वाइंट्स की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए, एमआरपी की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया। साथ ही, स्क्रीनिंग प्वाइंट्स के विस्तार के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को यात्रा हेतु सभी आवश्यक तैयारियों को ससमय पूरा करने का निर्देश दिया गया। चिकित्सा विशेषज्ञों और मेडिकल अफसरों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर निर्धारित की जाएगी। इसके अलावा, उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण दून और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रदान किया जाएगा, जिससे AIIMS की बजाय स्थानीय ट्रेनिंग का कार्य शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं को “स्वास्थ्य धाम पोर्टल” पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य प्रोफाइल अपलोड करने के लिए निर्देशित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने RFID-Band और GIO Tracking सिस्टम के माध्यम से उच्च जोखिम वाले श्रद्धालुओं की ट्रैकिंग के लिए प्रस्ताव और कार्यप्रणाली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि महानिदेशक को पर्यटन विभाग द्वारा केदारनाथ और बदरीनाथ के लिए जारी की गई धनराशि की उपयोगिता प्रमाणपत्र (UC) शीघ्र उपलब्ध कराने और शेष धनराशि की अवमुक्ति के लिए पत्र लिखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, केदारनाथ में नवनिर्मित चिकित्सालय में पूर्व में आपूर्ति किए गए उपकरणों और फर्नीचर को तत्काल पहुंचाने की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग, बस स्टॉप, होटल और अन्य प्रमुख स्थानों पर स्वास्थ्य से संबंधित एडवाइजरी, निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्रों का विवरण और मुख्य चिकित्साधिकारियों के संपर्क नंबर की सूचना देने के लिए फ्लेक्स और बैनर लगाए जाएंगे। साथ ही, सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करते हुए जनपदों के जिलाधिकारियों से समन्वय कर इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाएगा।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए स्वास्थ्य मित्रों की नियुक्ति की जाएगी।उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए महानिदेशालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यह कंट्रोल रूम यात्रा से जुड़ी सभी स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करेगा और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश प्रदान करेगा।

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