चार दिन के विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो के दसवें संस्करण में 12 हजार डेलीगेट्स के पहुंचने का आंकड़ा दर्ज हुआ है। इस विश्व स्तरीय आयोजन के इतिहास में डेलीगेट्स की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इस लिहाज से उत्तराखण्ड ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। इस आयोजन में 54 देशों की भागीदारी रही। 300 विदेशी डेलीगेट्स ने इस कार्यक्रम में भाग लेकर आयुष के प्रति अपना प्रेम प्रदर्शित किया।

पिछले वर्ष गोवा में आयोजित इस आयोजन के नौवें संस्करण में सबसे ज्यादा डेलीगेट्स पहुंचे थे। वहां पर 5102 डेलीगेट्स का पंजीकरण हुआ था। कोच्चि में आयोजित इस आयोजन के पहले संस्करण में 1800 डेलीगेट्स का ही पंजीकरण हुआ था। देहरादून उत्तराखण्ड में जब इस आयोजन का एलान हुआ, तब ही ये माना जा रहा था कि यहां रिकॉर्ड पंजीकरण हो सकते हैं। आयुष के लिहाज से सबसे समृद्ध राज्य होने को इसकी वजह माना जा रहा था। ये अनुमान सही साबित हुआ है। देश-विदेश के डेलीगेट्स ने उत्तराखण्ड आने में खास दिलचस्पी दिखाकर पंजीकरण का नया रिकॉर्ड रच दिया है।

आयुष विभाग के अपर सचिव डॉ. विजय जोगदंडे के अनुसार, इस आयोजन में कुल 12 हजार पंजीकरण हुए हैं। 54 देशों के 300 प्रतिनिधियों की भी आयोजन में भागीदारी हुई है। उन्होंने कहा कि इस दौरान आयुष पर गहन चर्चा के साथ ही नई संभावनाओं पर भी बात हुई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 के सफल आयोजन के लिए उत्तराखण्ड देश-विदेश से आए डेलीगेट्स के प्रति आभार व्यक्त करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष भूमि उत्तराखण्ड में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ है, जिसके दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि आयुष के विकास और इससे आमजन को लाभ पहुंचाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

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