सचिवालय में आज स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार और प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ के पदाधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ के पदाधिकारियों ने अपनी नौ सूत्रीय मांगों को एक-एक कर स्वास्थ्य सचिव के सम्मुख रखा, जिन पर विस्तार से चर्चा हुई।

स्वास्थ्य सचिव और प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ के प्रतिनिधियों के बीच हुई पहली बैठक सकारात्मक रही। शासन ने डाक्टरों की नौ में से आठ मांगों पर सैद्धांतिक सहमति जतायी है। सचिव स्तरीय दो मांगें तुरंत मान ली गयी और एक मांग पर जल्द निर्णय लिया जा सकता है। प्रांतीय चिकित्सा संघ ने वार्ता के लिए स्वास्थ्य सचिव का आभार व्यक्त किया।

बैठक के बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि वार्ता सकारात्मक रही है। सरकार डाक्टरों की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है। आठ मांगें मान ली गई और डीपीसी और एसडीएसीपी के आदेश जल्द जारी कर दिये जाएंगे। इसके अलावा अधिसंख्य दंत चिकित्सकों के रिक्त पदों के सापेक्ष समायोजन के मामले पर भी सहमति बन गई है।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मांगों का समाधान वार्ता से निकलता है। उन्होंने प्रदेश के सभी चिकित्सकों से अपील करते हुए कहा कि वह हमेशा की तरह पूरे मनोयोग व निष्ठा के साथ कार्य करते रहें, उनकी मांगों के समाधान और सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।

इस दौरान प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव से हुई वार्ता सकारात्मक रही है। उन्होंने कहा कि यदि डाक्टरों की डीपीसी और एसडीएसीपी के कार्यादेश जारी कर दिया जायेगा तो चार अक्टूबर से प्रस्तावित हड़ताल पर संघ द्वारा पुनः विचार किया जाएगा।

बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य अनुराधा पाल, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तारा आर्य, संयुक्त निदेशक डॉ. अजीत मोहन जौहरी, प्रान्तीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ के अध्यक्ष मनोज वर्मा, महासचिव डॉ. रमेश कुंवर, उपाध्यक्ष डॉ. मीता श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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